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बेहद कम समय में विवादों में आए जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल

Ravi mittal

छत्तीसगढ़ का जनसंपर्क विभाग इस समय चर्चा में है विधानसभा में इस विभाग को लेकर सत्ता पक्ष के विधायकों और विपक्ष के विधायकों द्वारा प्रश्न पूछे जा रहे हैं। किसी भी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया हैंडल एक पर एक वीडियो पोस्ट कर जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी किए गए टेंडर में फिक्सिंग का आरोप लगाया। बाकायदा वीडियो जारी कर बताया गया कि किस तरह से टेंडर डिजाइनिंग का जिन्हें काम दिया गया वहीं कंपनी टेंडर लेने के लिए आगे आई है।

आयुक्त डॉक्टर रवी मित्तल जबसे जनसंपर्क की आयुक्त बने तब से बड़े रिफॉर्म्स का दावा किया जा रहा है लेकिन धरातल पर कुछ दिख नहीं रहा है कलेक्टरी छोड़कर रायपुर आए रवि मित्तल के पास मुख्यमंत्री के जनसंपर्क के साथ ही सरकार की छवि निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वर्तमान के हालात देखकर ऐसा लगता है की मुख्यमंत्री की छवि और सरकार की छवि तो नहीं लेकिन जनसंपर्क विभाग के कारण मुख्यमंत्री और सरकार की किरकिरी जरूर हो रही है। जारी किए गए टेंडर में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। अब गंध बहुत दूर तक फैल चुकी है।

भारतीय जनता पार्टी 2023 में कांग्रेस के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर सत्ता में आई थी और अब नई नवेली सरकार के सबसे बड़े विभागों में एक जनसंपर्क विभाग के टेंडर फिक्सिंग की खबर ने हड़कंप मचा दिया है।

सबसे पहले तो नए आयुक्त रवि मित्तल के आने के बाद कई टेंडर निकाले गए। फिर उन टेंडर में बदलाव किया गया, बदलाव के बाद ऐसे नियम बनाए गए की छत्तीसगढ़ के स्थानीय कंपनियों बाहर किया जाए। जवाब दवाब बढ़ा और स्थानीय कंपनियों के मालिकों ने विरोध किया तो फिर दोबारा उनमें सुधार किया गया और वहीं से इस बात की आशंका शुरू हो गई कि कुछ तो गड़बड़ है और आप जब कहानी साफ हो रही है तो एक बात स्पष्ट हो गई की टेंडर फिक्सिंग का खेल चल रहा है। या तो पहचान की बड़ी दूसरे राज्य की कंपनियों को स्थापित करने की कोशिश है या फिर किसी चाहती कंपनी को कम देकर कमीशन बाजी का खेल है।

जबकि हकीकत यह है कि अगर ईमानदारी से टेंडर जारी किए जाते तो प्रदेश के अंदर पहले से काम करने वाली कंपनियों और संस्थाएं इन पैनल हो जाती काम मिल जाता और स्थानी लोगों को रोजगार भी मिल जाता लेकिन पता नहीं किसके इशारे पर बाहर की कंपनियों को स्थापित करने की कवायत शुरू हुई और अब जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बकायतें खुलासा कर दिया तब विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है।

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