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ऑपरेशन कगार: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान आठवें दिन भी जारी, 24,000 जवानों ने घेर रखी पहाड़ी

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ियों सहित 800 वर्ग किमी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान आठवें दिन भी जारी है। 24,000 जवान डीकेएसजेडसी और पीएलजीए जैसे माओवादी समूहों को खत्म करने में जुटे हैं। अब तीन नक्सली मारे गए हैं। वहीं, दो जवानों को मामूली चोट आई है।

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के पास 800 वर्ग किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में आठवें दिन भी नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन कगार’ जारी है। इसमें कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ और केंद्रीय बलों के 24,000 से अधिक जवान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मिशन में भाग ले रहे हैं।

Amar Ujalaएप डाउनलोड करेंहोम छत्तीसगढ़ रायपुर बिलासपुर-छत्तीसगढ़ दुर्ग-भिलाई रायगढ़ कोरबा अम्बिकापुर जगदलपुर गौरेला पेंड्रा मरवाही बेमेतरा जांजगीर-चांपा धमतरी महासमुंद बलौदाबाजार-भाटापारा बीजापुर बालोद कांकेर कबीरधामराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड का पुनर्गठनदिल्लीICSE ISC Result 2025 OUT LiveHousefull 5 TeaserPahalgam Attack News LiveAkshaya Tritiya 2025UP NewsTerror AttackSupreme CourtDC Vs KKRऑपरेशन कगार: छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर नक्सल विरोधी अभियान आठवें दिन भी जारी, 24,000 जवानों ने घेर रखी पहाड़ीएएनआई, बस्तर (छत्तीसगढ़) Published by: श्याम जी. Updated Mon, 28 Apr 2025 05:11 PM ISTविज्ञापनसारछत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ियों सहित 800 वर्ग किमी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान आठवें दिन भी जारी है। 24,000 जवान डीकेएसजेडसी और पीएलजीए जैसे माओवादी समूहों को खत्म करने में जुटे हैं। अब तीन नक्सली मारे गए हैं। वहीं, दो जवानों को मामूली चोट आई है.

छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा के पास 800 वर्ग किलोमीटर के बड़े क्षेत्र में आठवें दिन भी नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन कगार’ जारी है। इसमें कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां भी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ और केंद्रीय बलों के 24,000 से अधिक जवान प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मिशन में भाग ले रहे हैं।विज्ञापनये माओवादी समूह शामिल’ऑपरेशन कगार’ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र को कई नक्सल समूहों के नियंत्रण से मुक्त करना है, जिसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी), तेलंगाना राज्य समिति (टीएससी), पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर-1, सीआरसी कंपनी और अन्य माओवादी समूह शामिल हैं। ये समूह इस क्षेत्र का उपयोग हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में कर रहे हैं, जिसेस निर्दोष स्थानीय लोगों की जान को खतरा है। जारी रहेगा अभियानकुछ हफ्ते पहले नक्सली घटना में कई नागरिक घायल हो गए थे और उसर इलाके में एक महिला की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि यह सुरक्षाबलों की जिम्मेदारी है कि वे इलाके को खाली करवाएं और सुनिश्चित करें कि यह स्थानीय आबादी के लिए सुरक्षित है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक सभी अवैध माओवादी समूहों को क्षेत्र से हटा नहीं दिया जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा।

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