रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी धमाका हुआ। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार और अफसरशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की घोषणा करने के बाद पुलिस ने उन्हें रायपुर के टाटीबंध इलाके में हाउस अरेस्ट कर लिया।ननकीराम कंवर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार अब जनता की नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा अफसरों और उद्योगपतियों की सरकार बन चुकी है।
2005 बैच का गिरोह चला रहा सरकार
ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार पर 2005 बैच के IAS और IPS अधिकारियों का पूरा कब्जा है। IAS ओ.पी. चौधरी (मौजूदा वित्त मंत्री) और IPS आरिफ शेख पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों की जुगलबंदी ने पूरे प्रशासन को पंगु बना दिया है। कंवर के मुताबिक“इन अफसरों की जुगलबंदी ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को दरकिनार कर रखा है। शासन-प्रशासन पूरी तरह कुछ गिने-चुने लोगों के हाथ में कैद है।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति बनी रही, तो भाजपा को आने वाले चुनावों में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
भ्रष्टाचार और विकास ठप होने के आरोप
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार को दो साल पूरे हो गए हैं, लेकिन प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं, जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है, और बड़े प्रोजेक्ट अधर में हैं। जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार मौन है.उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी इलाकों में अन्याय और उपेक्षा हो रही है।
अमित शाह के दौरे के बीच सियासी हड़कंप
गौरतलब है कि आज 4 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर हैं।राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कंवर को धरने से पहले हाउस अरेस्ट करने के पीछे यही कारण था कि मामला अमित शाह तक न पहुंचे और पार्टी की किरकिरी न हो।
आदिवासी नेतृत्व पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार ने पहली बार एक आदिवासी नेता विष्णु देव साय को मुख्यमंत्री बनाया था।
लेकिन अब आदिवासी समाज से ही आने वाले वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर का अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर बोलना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
भाजपा की साख पर संकट
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ननकी राम कंवर का हाउस अरेस्ट भाजपा सरकार के भीतर गहराते अंतर्विरोधों को उजागर करता है।भ्रष्टाचार और अफसरशाही के आरोप भाजपा की छवि को गहरी चोट पहुंचा रहे हैं।अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह असंतोष आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की साख पर भारी पड़ सकता है।पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव विपक्ष में रहने के दौरान ननकीराम कवंर के साथ मजबूत लड़ाई लड़ते हुए दिखे थे.
राममंदिर प्रमुख और प्रचारक राजेन्द्र जी सरकार और सीएम से नाराज
आपको बता दें ननकीराम राजधानी रायपुर स्थित राममंदिर के संरक्षक है. वहीँ अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि ननकीराम कँवर की गिरफ़्तारी से राममंदिर प्रमुख और प्रचारक राजेन्द्र जी सीएम और सरकार से नाराज हो गए हैं.प्रदेश में बढ़ते प्रशासनिक अत्याचार और भर्रेशाही के खिलाफ अब बीजेपी के अन्दर विद्रोह शुरू हो गया है. ननकी राम कंवर का हाउस अरेस्ट सिर्फ एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के भीतर सुलगते असंतोष का बड़ा संकेत है।भ्रष्टाचार, अफसरशाही और आदिवासी उपेक्षा के आरोपों ने छत्तीसगढ़ की राजनीति को झकझोर दिया है।
भूपेश बघेल कार्यकाल में हुए भ्रस्टाचार को कँवर के निया था उजागर
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया था।उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछली कांग्रेस सरकार में खनिज, शराब, और ठेका व्यवस्था में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि इस पूरे खेल में कई बड़े अधिकारी और राजनीतिक नेता शामिल थे।
