दुबई में खेले गए पहले सेमीफाइनल मैच में टीम इंडिया ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की और फाइनल में प्रवेश कर लिया।
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की दमदार पारी की बदौलत भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। यह भारतीय टीम की मौजूदा टूर्नामेंट में चौथी जीत है। इससे पहले रोहित शर्मा की सेना ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को हराया। अब भारतीय टीम का सामना फाइनल में बुधवार को दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मैच में जीत दर्ज करने वाली टीम से होगा। यह मैच दुबई में नौ मार्च को खेला जाएगा।
शुरुआत में गंवाए विकेट
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने अपने शुरुआती दोनों विकेट 43 के स्कोर पर गंवा दिए थे। कप्तान रोहित शर्मा तीन बार मिले जीवनदान को भुनाने में नाकाम रहे और 28 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इससे पहले ड्वार्शुईस ने शुभमन गिल को बोल्ड किया था। वह सिर्फ आठ रन बना सके। इसके बाद मोर्चा विराट कोहली और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए श्रेयस अय्यर ने संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की साझेदारी हुई।
अय्यर ने निभाई जिम्मेदारी
श्रेयस अय्यर एक बार फिर टीम के लिए उपयोगी साबित हुए। उन्होंने 62 गेंदों में 45 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से तीन चौके निकले। अबतक इस टूर्नामेंट में 30 वर्षीय बल्लेबाज ने 195 रन बनाए हैं। लगातार तीन मैचों में उन्होंने अर्धशतकीय पारियां खेली हैं। इस तरह उन्होंने खुद को साबित कर दिया। अय्यर को जांपा ने ही बोल्ड किया। उनके बाद कोहली को अक्षर पटेल का साथ मिला। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 44 रनों का पार्टनरशिप हुई।
कोहली बने दीवार
अक्षर जिस वक्त आउट हुए टीम इंडिया जीत से 87 रन दूर थी और कोहली क्रीज पर डटे हुए थे। छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए केएल राहुल आए और उन्होंने किंग कोहली के साथ 47 रनों की पार्टनरशिप की। अनुभवी बल्लेबाज को जांपा ने अपना शिकार बनाया। वह 84 रन बनाकर आउट हुए। यह उनका वनडे में 74वां अर्धशतक है। इस दौरान उन्होंने बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
कोहली आईसीसी वनडे टूर्नामेंट में 50 से ज्यादा का स्कोर बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 24वीं बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। दिग्गज खिलाड़ी ने 58 पारियों में 23 से ज्यादा बार 50+ रन बनाए थे।
हार्दिक की भूमिका रही अहम
कोहली के आउट होने के बाद केएल राहुल और हार्दिक पांड्या ने मोर्चा संभाला। हार्दिक ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और भारत के जीत के बेहद करीब ले आए। जब टीम को जीत के लिए छह रन बनाने की जरूरत थी, तभी हार्दिक बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हो गए।
हार्दिक ने 24 गेंदों पर एक चौका और तीन छक्कों की मदद से 28 रन बनाकर आउट हुए। हार्दिक के आउट होने के बाद केएल राहुल ने मैक्सवेल की गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। भारत इसके साथ ही लगातार दूसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले टीम 2017 में भी चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रही थी। राहुल 34 गेंदों पर दो चौकों और दो छक्कों की मदद से 42 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि जडेजा भी दो रन बनाकर नाबाद रहे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से नाथन एलिस और एडम जैम्पा ने दो-दो विकेट झटके, जबकि बेन ड्वारशुइस और कूपर कोनोली को एक-एक विकेट मिला।
भारत को मिला था 265 रनों का लक्ष्य
ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ की 73 रनों की दमदार पारी की बदौलत भारत के सामने 265 रनों का लक्ष्य रखा। इस नॉकआउट मुकाबले में भारतीय टीम चार स्पिनर्स और दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरी। मोहम्मद शमी ने तीन विकेट लिए जबकि वरुण चक्रवर्ती और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलताएं मिलीं। वहीं, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।
स्पिनर्स ने पांच से ज्यादा की इकोनॉमी से की गेंदबाजी
स्पिनर्स के खिलाफ कंगारुओं ने कुल 34 ओवर खेले। इस दौरान टीम ने पांच विकेट खोए और 176 रन बनाए। वहीं, दो ओवर मेडन रहे। धीमी गति के गेंदबाजों ने इस मैच में लगभग पांच से ज्यादा की इकोनॉमी से गेंदबाजी की। कुलदीप यादव (5.50), अक्षर पटेल (5.37), रवींद्र जडेजा (5.00) और वरुण चक्रवर्ती (4.90) कहर बनकर टूटे।
ऑस्ट्रेलिया ने बरकरार रखा 5+ का रन रेट
दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल पर विकेट तो खोए लेकिन शुरुआती पांच ओवर को छोड़ दिया जाए तो उन्होंने पांच से ज्यादा का रन रेट बरकरार रखा। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मिथ के 96 गेंदों पर 73 रन और एलेक्स कैरी के 57 गेंदों पर 61 रनों की मदद से 49.3 ओवर में 264 रन बनाए। भारत को शमी ने कोनोली को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद ट्रेविस हेड ने कुछ आक्रामक शॉट खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने हेड को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद स्मिथ ने मार्नस लाबुशेन के साथ साझेदारी जमाई। स्मिथ एक छोर से पारी आगे बढ़ाते रहे और उन्होंने रन गति का भी ध्यान रखा। हालांकि, दूसरे छोर पर विकेट भी गिरते रहे।
स्मिथ के आउट होने के बाद एलेक्स कैरी ने मोर्चा संभाला और आक्रामक बल्लेबाजी की। अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाज विकेट निकालने में सफल रहे। जब कैरी खेल रहे थे तो लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 300 के करीब स्कोर खड़ा कर लेगा, लेकिन भारतीय गेंदबाज वापसी करने में सफल रहे। ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी, लेकिन भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रही।
