मुख्यमंत्री की प्रभावी छवि और मुख्यमंत्री का सकारात्मक प्रस्तुतीकरण हो इसके लिए सरकार के एक तंत्र अच्छे खासे पैसे खर्च कर ब्रांडिंग करता है।जनसम्पर्क और जनसम्पर्क के अधिकारियों का यही काम है। सोशल मीडिया में cmo chhattisgadh का यही काम है लेकिन इनका काम देखकर ऐसा लगता है की अभी तो सिखाया जा रहा है, अभी प्रैक्टिस चल रही है गलतियाँ माफ होंगी लेकिन यह मुख्यमंत्री के ब्रांडिंग की जिम्मेदारी वाली संस्था का ऐसा रवैया ठीक है। वर्तमान जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल जशपुर में कलेक्टर रहे हैं और उनकी कार्यप्रणाली के चर्चे जशपुर से लेकर रायपुर तक है। जब आईपीएस मयंक श्रीवास्तव को हटाकर इस रवि मित्तल को जनसंपर्क का आयुक्त बनाया गया तब लगा कि अब जनसंपर्क विभाग बड़ी तेजी के साथ मुख्यमंत्री के जनसंपर्क और सरकार के जनसंपर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा लेकिन रवि मित्तल के कार्यकाल में अब तक जनसंपर्क विभाग कुछ खास कर नहीं पाया है बल्कि सूत्र बताते हैं की उनके तानाशाही रवैया के कारण असमंजस की स्थिति निर्मित है, रवि मित्तल को यह समझना होगा कि यह जनसंपर्क विभाग है किसी जिले की कलेक्टरी नहीं। प्रदेश भर में मुख्यमंत्री के सरकारी सोशल मीडिया(cmo chhattisgarh) हैंडल तो गलतियों का पिटारा बन चुका है और गलतियाँ बार बार दोहराई जा रही हैं।


वही अब बजट सत्र के दौरान जो पोस्टर और क्रिएटिव पोस्टर सोशल मीडिया में शेयर किए गए उसमे सीएम को ही उल्टा कर दिया दरअसल यह हुआ सीएम की फोटो को फ्लिप करने से और सीएम का लुक ही बदल गया। आखिर CMO CHATTISGARH ऐसा काम क्यू करव रहा या फिर ऐसी एजेंसी से काम क्यू करवाया जा रहा है। अब ऐसे में सीएम ब्रांडिंग भगवान भरोसे ही है।

